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ISRO ने एक साथ 31 सैटेलाइट किए लॉन्च, खुद का बनाया 100वां उपग्रह भी भेजा ऑर्बिट में…

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ISRO ने एक साथ 31 सैटेलाइट किए लॉन्च, खुद का बनाया 100वां उपग्रह भी भेजा ऑर्बिट में...
ISRO का एक और एचीवमेंट - 3 सैटेलाइट अपने, 28 दूसरे देशों के लॉन्च किए ।

31 अगस्त को इसरो का लॉन्चिंग मिशन फेल हो गया था। उस वक्त उसने बैकअप नेवीगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H लॉन्च किया था।

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ( ISRO ) ने गुरुवार को एक साथ 31 सैटेलाइट की कामयाब लॉन्चिंग की। इनमें 3 भारत के और 28 विदेशी हैं। इसमें ISRO का बनाया 100वां सैटेलाइट भी शामिल है। यह दूसरा मौका है जब उसने एक साथ इतने सैटेलाइट स्पेस में भेजे। पिछले साल फरवरी में 104 सैटेलाइट ऑर्बिट में भेजकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इनमें ज्यादातर विदेशी थे।

31 सैटेलाइट 1323 किलो के, आधा वजन कार्टोसेट का

  • इस मिशन में पीएसएलवी-सी40 से भेजे गए सभी सैटेलाइट्स का वजन 1323 किलोग्राम है।
  • इनमें कार्टोसेट-2 का वजन 710 किलो और बाकी 30 सैटेलाइट का वजन 613 किलोग्राम है।
ISRO ने एक साथ 31 सैटेलाइट किए लॉन्च, खुद का बनाया 100वां उपग्रह भी भेजा ऑर्बिट में...
31 सैटेलाइट का कुल वजन 1323 किलोग्राम – 710 किलोग्राम का कार्टोसेट-2 सबसे वजनी ।

 6 देशों के हैं 28 सैटेलाइट

  • भारत के अलावा इनमें कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, साउथ कोरिया, यूके और यूएसए के सैटेलाइट्स हैं।

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अपने व्हीकल से लॉन्च कर चुका 278 सैटेलाइट्स

  • इसरो जून 2017 तक खुद के बनाए व्हीकल से 278 सैटेलाइट्स लॉन्च कर चुका है।
  • पिछले साल स्पेस में 104 सैटेलाइट भेजने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी इसरो ने अपने ही व्हीकल पीएसएलवी-सी37 के जरिए बनाया था।
ISRO ने एक साथ 31 सैटेलाइट किए लॉन्च, खुद का बनाया 100वां उपग्रह भी भेजा ऑर्बिट में...
भारत के अलावा 6 देशों के हैं 28 सैटेलाइट – कनाडा, फ़िनलैंड,फ्रांस, साऊथ कोरिया, UK, US के सैटेलाइट ।

देश के लिए New year gift

  • सभी सैटेलाइट्स की कामयाब लॉन्चिंग के बाद इसरो के चेयरमैन AS किरण राव ने कहा, “PSLV की पिछली लॉन्चिंग में दिक्कतें आई थीं, आज यह साबित हो गया कि हमने उन्हें ठीक तरह से समझा और दूर किया। देश को नए साल का यह तोहफा देकर खुशी हुई।”

ISRO का पिछला मिशन हुआ था फेल

  • बता दें कि 31 अगस्त को ISRO का लॉन्चिंग मिशन फेल हो गया था। तब उसने पीएसएलवी – सी39 के जरिए बैकअप नेवीगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच सैटेलाइट लॉन्च किया था। यह तकनीकी खामी की वजह से आखिरी स्टेज में नाकाम हो गया था।

स्पेस के मामले में दूसरे देशों से भारत कितना अलग?

  • जापान, जर्मनी, इटली, चीन के बजट भारत से ज्यादा हैं। इसरो के पास 16 हजार साइंटिस्ट हैं। नासा के पास 17500 और रूस के पास 23800 हैं।
  • भारत ने पहली कोशिश में ही मंगल मिशन कामयाब कर लिया था। जबकि अमेरिका 5 बार और रूस 8 बार में सफल हो पाए थे। काउंटडाउन 52 की जगह 28 घंटे का कर लिया है।
  • इसरो ने 47 साल में 25 देशों के 278 सैटेलाइट्स लॉन्च किए हैं। जबकि अमेरिका ने 72 साल में 1369 और रूस ने 80 साल में 1492 सैटेलाइट्स। 10 साल में दुनिया में हुई लॉन्चिंग की 38% भारत की ओर से हुई है।
  • भारत के पीएसएलवी रॉकेट की एक लॉन्चिंग करीब 100 करोड़ रु. की होती है। रूस के रॉकेट की 455 करोड़। वहीं अमेरिका, चीन व यूरोप के रॉकेट की एक उड़ान की लागत 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा है।
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ISRO ने बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड – 15 फरवरी 2017 को एक साथ 104 सैटेलाइट भेजे थे स्पेस में ।

फर्स्ट क्वार्टर में लॉन्च किया जाएगा चंद्रयान-2

  • इसरो के डायरेक्टर एम अन्नादुरै के मुताबिक, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग इस साल के पहले क्वार्टर में करने का प्लान है। इस मिशन के साथ ऑर्बिटर और लैंडर भी भेजे जाएंगे। इसका इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फाइनल स्टेज में है।

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सैटेलाइट लॉन्चिंग में US, चीन और यूरोप की तुलना में भारत 66 गुना सस्ता…

  • भारत में सैटेलाइट की कमर्शियल लॉन्चिंग दुनिया में सबसे सस्ती पड़ती है।
  • इतना ही नहीं, भारत के जरिए सैटेलाइट लॉन्च करना US, चीन, जापान और यूरोप से करीब 66 गुना सस्ता पड़ता है।
  • यहां तक कि रूस से भी यह चार गुना सस्ता पड़ता है।
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इसरो जून 2017 तक अपने व्हीकल से 278 सैटेलाइट लॉन्च कर चुका। -फाइल

देश रॉकेट लागत (रुपए में)

  • भारत पीएसएलवी 100 करोड़
  • रूस प्रोटोन 455 करोड़
  • अमेरिका फॉल्कन-9 381 करोड़
  • जापान एच-2ए 6692 करोड़
  • चीन लॉन्ग मार्च 6692 करोड़
  • यूरोप एरियन-5 6692 करोड़
  • अमेरिका एटलस-5 6692 करोड़

सैटेलाइट इंडस्ट्री में बढ़ रही हिस्सेदारी

  • ग्लोबल सैटेलाइट मार्केट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ रही है। अभी यह इंडस्ट्री 13 लाख करोड़ रुपए की है।
  • इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी 41% की है। जबकि भारत की हिस्सेदारी 4% से भी कम है।
  • विदेशी सैटेलाइट की लॉन्चिंग इसरो की कंपनी एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिए होती है।
  • 1992 से 2014 के बीच एंट्रिक्स कॉरपोरेशन को 4408 करोड़ रुपए की कमाई हुई।
  • इसरो सैटेलाइट लॉन्चिंग से अब तक 660 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर चुका है।

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